सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर शिकंजे की तैयारी

बद्दी (सोलन)। प्रदूषण बोर्ड की एनओसी के बगैर जहां एक भी ईंट नहीं लगाई जा सकती है, वहीं बीबीएन के सरकारी विभाग बोर्ड की एनओसी लेना उचित नहीं मानते हैं। कालूझिंडा में हिमुडा की तरफ से कालोनी निर्माण विवादों में है। बिना एनओसी के निर्माण पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड नोटिस जारी कर चुका है। दूसरी तरफ बीबीएनडीए के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। सरकार के सख्त निर्देश हैं कि बिना प्रदूषण विभाग की एनओसी के बगैर कोई भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सकता है, लेकिन इसके ठीक उलट बीबीएन में बिना किसी एनओसी के निर्माण कार्य पूरे किये जा रहे हैं। उधर, प्रदूषण बोर्ड के अधिशासी अभियंता चेतन जोशी ने बताया कि नए निर्माण कार्य के लिए बोर्ड की एनओसी लेना जरूरी होता है लेकिन विभाग इसकी अनदेखी कर रहे हैं। यहां पर सरकारी कालोनियों के निर्माण बिना एनओसी के हुए हैं। बद्दी में आईपीएच विभाग की ओर से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जा रहा है, लेकिन अभी तक संबंधित विभाग ने एनओसी लेना तो दूर की बात है पूरे कागजात भी बोर्ड को जमा नहीं कराए हैं।

बाद में एनओसी की जरूरत नहीं: उमेश
हिमुडा के अधिशासी अभियंता उमेश शर्मा ने बताया कि हिमुडा भूमि अधिग्रहण करते समय सभी विभागों से एनओसी ले लेती है। उसे बाद में एनओसी लेने की जरूरत नहीं होती है। बोर्ड की ओर से उन्हें नोटिस जरूर मिला था। जिसके जवाब में उन्होंने बोर्ड को एनओसी पहले लेने की बात कही है।

जरूरत पड़ने पर लेंगे एनओसी: गोयल
दूसरी ओर से बीबीएनडीए के एसीईओ राजेश्वर गोयल ने बताया कि बीबीएनडीए क ी ओर से कोई भी कार्य बिना एनओसी के नहीं चला है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की अभी संबंधित विभाग डीपीआर तैयार कर रहा है। जरूरत पड़ने पर बोर्ड क ी एनओसी ली जाएगी।

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